चौंतड़ा क्षेत्र में भारतीय रेल के एक फैसले ने स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। विकास खंड चौंतड़ा के अंतर्गत ग्राम पंचायत पसल और सगनेहड़ को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण पैदल रास्ते को रेलवे विभाग ने अचानक बंद कर दिया है।

इस रास्ते के बंद होने से करीब छह पंचायतों के लोगों को अब लगभग पांच किलोमीटर लंबा अतिरिक्त सफर तय कर बाया चौंतड़ा होकर आना-जाना पड़ रहा है, जिससे लोगों में भारी रोष देखने को मिल रहा है।
जानकारी के अनुसार, जोगिंदरनगर–पपरोला रेलवे लाइन के बीच पंडितवासी के पास स्थित रेलवे गेट नंबर 340/154/7 लंबे समय से स्थानीय लोगों के आवागमन का मुख्य साधन था।
इस रास्ते का उपयोग पैदल के साथ-साथ छोटी गाडय़िों के लिए भी किया जाने लगा था। लेकिन हाल ही में रेलवे विभाग ने इस पूरे मार्ग को लोहे के गार्डर लगाकर बंद कर दिया, जिससे सैकड़ों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो गई है।
इस फैसले का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं पर पड़ रहा है, जिन्हें अब लंबा चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है।
स्थानीय निवासियों में इस एकतरफा निर्णय को लेकर नाराजगी है और वे इसे जनहित के खिलाफ बता रहे हैं। गांव के निवासी विधि सिंह, कृष्ण चंद ठाकुर, गोपाल बरवाल और दिनेश चौहान ने रेलवे विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि पैदल आवाजाही के लिए वैकल्पिक रास्ता तुरंत उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने सुझाव दिया कि इस मार्ग को केवल पैदल चलने वालों के लिए खोला जाए और वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह रोक लगाई जाए, ताकि सुरक्षा भी बनी रहे और लोगों की सुविधा भी सुनिश्चित हो सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।






























